Home कॉर्पोरेट कार्यशालाएं व्यक्तित्व विकास
सहज योग के माध्यम से व्यक्तित्व विकास पीडीएफ़ मुद्रण ई-मेल
( 55 Votes )
द्वारा लिखित Administrator   
मंगलवार, 24 नवम्बर 2009 16:47

शरीर के तंत्रिका तंत्र है, जो कि हिस्सा है एक अति परिष्कृत नियंत्रण प्रणाली का, जिसको तीन भागों में विभाजित किया गया है, सेंट्रल,परिधीय और स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली. इन पद्धतियों को हम कैसे नियंत्रित करे जिससे हमारा ब्रह्मांड समझ के माध्यम से अनुभव करे और स्वायत्त प्रणाली भी नियंत्रित करता है स्वत: हमारे शरीर को गैर जागरूक कार्य से.

 

एक लाभकारी पक्ष प्रभाव है शांतिपूर्ण और विचार हीन ध्यान,जो हमारे स्वायत्त प्रणाली को स्वतः कम कर देता है,किसी भी भौतिक गतिविधियो से हमारे शरीर मे. चूंकि प्रणाली भी हिस्सा है हम सब के भीतर 'लड़ने या उड़ान' तंत्र का,(जिसमें आधुनिक दुनिया को क्षति पहुच सकती है उत्साहित के माध्यम से) यह साबित हो सकता है हमारे स्वास्थ्य के प्रमुख लाभ से. यह सुझाव दिया गया है कि बहती हुई उन्नत ऊर्जा के माध्यम से यह पूरा होता है जो लिम्बिक क्षेत्र में पाए जाते है (सहस्रार चक्र सिर के ऊपर होता है) जो सहानुभूति तंत्रिका तंत्र से जुड़ा है.

व्यक्तित्व विकास एक चरण है जिसके ४ आयाम होते है,अच्छा व्यक्ति बनने और उसके प्रगतिशील होने के.

 

.भौतिक

.मानसिक

.भावुक

.आध्यात्मिक

 

शारीरिक आयाम-:

 

यह हमारा सूक्ष्म शरीर है जो अंगों और हमारे शरीर में कोशिकाओं के द्वारा किया गये काम का समन्वय है. जब एक भी ऊर्जा केन्द्र (चक्र)अवरोधित हो जाते है तो,शारीरिक दुष्क्रिया अंगों में प्रकट को नियंत्रित करती है. पर कुछ बीमारीया दिखाई देते हैं. पारंपरिक चिकित्सा लक्षणों का इलाज करने की कोशिश करता है.एक प्रभावी ध्यान हमें अनुमति देता है लक्षणों से सीधे हमला करने के लिए, हमारे सूक्ष्म संतुलन के सिस्टम और हमारे केन्द्रों की सफाई के द्वारा. इस प्रकार, यहाँ तक कि तथाकथित असाध्य बीमारियों का इलाज कर सकते हैं,केन्द्रो की सफ़ाई का काम सहज ढंग से कुंडलिनी की ऊर्जा के द्वारा होता है.

 

मानसिक आयाम-:

 

जब हम ध्यान के एक राज्य में प्रवेश करते है, तो हम चुप्पी के एक दायरे में प्रवेश करते है,विचार जो कि आक्रमण है वो हमें मिटना है,वर्तमान ही वास्तविकता है. हमारे होश तीव्रता से हमें दुनिया कि सीधी छवि भेजते है जो हमारे मन या हमारे संस्कार से बदली नही जा सकती.

 

ध्यान व्यक्ति के भीतर निम्नलिखित पहलुओं में सुधार लाता है.

 

.एकाग्रता

.रचनात्मकता

.आत्मविश्वास

.निर्णय क्षमता निर्माण

.संचार कौशल

.नेतृत्व के गुण

.टीम के काम

 

भावनात्मक परिमाण-:

 

जब कुंडलिनी जागृत है और हम एक ध्यान के राज्य में डूब रहे हैं तो हमारी भावनाओं को भी संतुलन में लाया जाता है. सभी कमजोरियों जो शुद्ध और ईमानदारी की भावनाओं की अभिव्यक्ति में बधी है जैसे लालच,असुरक्षा, जलन सब कम हो रहे है जब खुशी से धयान करते है. यह खुशी पूर्ण है सभी द्वंद्व रहित है. और यह खुशी हमारी मुक्ति की प्रेरणा बन जाता है. ध्यान हमें मदद करता है परिवार में संबंधों में सुधार और शिक्षकों और दोस्तों के साथ संबंधों मे सुधार भी. इसके अलावा, ध्यान प्रक्रिया सुधार लाता है हमारे ई क्यू (भावनात्मक खुफिया भागफल (ई क्यू), और वर्णन करता है हमारे क्षमता, कौशल या अनुभव, मूल्यांकन का और प्रबध करता है एक व्यक्ति, दूसरों की और समूहों की भावनाओं का.)

 

आध्यात्मिक आयाम-:

 

विशेष रूप से सहज योग ध्यान हमें बताता है सच की जागरूकता, और आनंद के बारे मे. हमे हिस्सा बनना है समुद्र में प्यार की एक बूंद की तरह और ध्यान मे हम पिघल जाये मौलिकता की तरह. इस अनुभव के अगले चरण में है एक साधारण मानव की जागरूकता का विकास: इसमे वह व्यक्ति फिर से पैदा हो जाता है और आत्म साक्षात्कार प्राप्त कर लेता है. इसका मतलब हमारी आध्यात्मिकता का सार है, जो जब तक छिपा होता है और फिर वास्तविकता बन जाता है. सभी के साथ हमारा संघ मजबूत और मजबूत बनता जाता है और यह लाभ कुंडलिनी की जागृति के रूप मे मिलता है. इस मध्यमार्ग से हमारे भीतर की स्थापना होती है हमारी कुंडलिनी द्वारा हमे प्रतिदिन सभी प्रकार के आशीर्वाद ही प्राप्त नही होते बल्कि शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक और व्यावसायिक लाभ भी प्राप्त होते है.

LAST_UPDATED2
 

श्री माताजी

Shri Mataji Nirmala Devi

Upcoming Events

October 2017
S M T W T F S
1 2 3 4 5 6 7
8 9 10 11 12 13 14
15 16 17 18 19 20 21
22 23 24 25 26 27 28
29 30 31 1 2 3 4

Poll

What does Meditation do for you?
 
stack