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द्वारा लिखित Administrator   
गुरुवार, 05 नवम्बर 2009 13:39

 

बच्चे ध्यान कर सकते हैं.

 

और यहाँ कुछ और है: बच्चे सहज योग ध्यान भी कर सकते हैं युवा पुरुष की तुलना में अच्छी तरह से और बेहतर. वे ध्यान कर सकते है, कंपन महसूस कर सकते है और वे खुद तय भी कर सकते हैं. समानता और सादगी के लिए यह कैसे है?

 

कहीं भी दुनिया मे, जब हम सुनते है कि एक बच्चा संकट में है, हम सब काम बंद कर देते है.हमारी दिल की धड़कन तेज हो जाती है और हम बच्चे की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने लगते है.बच्चे हमारा भविष्य है,हमरा नया जीवन है,हमारी उम्मीद है.

किसी समय लगता है की हमने अपना जीने क तरीका खो दिया है लगता है हमारे पवित्रता,हमारी मासूमियत कही खो गयी है,ढक गयी है, लेकिन फिर, हम एक बच्चे को देखते है - और हम याद करते है हमारे जीवन की अवधि में बहुत सारी बातें, लेकिन एक बात हुम सब के लिए एक जैसी है,वह है हम सब एक बार बच्चे थे. और, एक बच्चे के रूप में, हम सब कुछ हद तक सच के बहुत करीब थे.

 

 

 

सीधे शब्दों में कहें: बच्चों की मासूमियत हमारे अहंकार को खत्म कर देती है.

 

यहाँ कुछ सत्र हैं

 

१) ०-२ साल ध्यान १

२) २-४ साल ध्यान दो

३) ४-६ साल ध्यान ३

 

 

१) ०-२ साल ध्यान १

 

सत्र 1

 

** कैसे एक माँ अपने नवजात शिशु को हस्तांतरण कर सकती हैं माँ के प्यार कुंडलिनी मे?

 

०-२ साल की उम्र संक्रमण का समय है गर्भ की स्थिति और राज्य की दुनिया के बीच. बच्चा पीछा कर रहा है अपनी माँ के लय और प्राकृतिक का, अपने पहले दो साल मे जो सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है उसके सभी कार्यो के दौरान बच्चा वही सारी विशेषताओं को सीखता है और उसी रास्ते मे चलता है.

 

बच्चे के चरित्र, व्यक्तित्व और सहज ज्ञान उम्र के पहले २ साल के दौरान विकसित होते हैं. इसलिए यह एक आदर्श समय है उनके विकास के समर्थन और सुरक्षा के रिश्ते को बान्धने मे, मातृ शक्ति कुंडलिनी और दुनिया के बीच.

 

 

** शिशु कुंडलिनी स्थापना

 

अगर आपके छोटे बच्चे खुद से नहीं बैठ सकते, उसे नीचे लिटा कर और उसकी पीठ पर से कुंडलिनी बढ़ा दे. अन्यथा, उसके पीछे बैठकर नीचे दिये गये चित्र के अनुसार पीछे से उसकी कुंडलिनी बढ़ा दे. और तुम गाना भी गा सकते हो, यह निम्नलिखित गीत बच्चे के लिए है, उनके और अधिक मजे के लिये.

 

अप्पी अप्पी माँ कुंडलिनी

 

अप्पी अप्पी अप्पी माँ कुंडलिनी, एक.

 

अप्पी अप्पी अप्पी माँ कुंडलिनी, एक. दो

 

अप्पी अप्पी अप्पी माँ कुंडलिनी, एक. दो

 

अप्पी अप्पी अप्पी माँ कुंडलिनी, एक. दो. तीन

 

(कुंडलिनी भी एक माँ ऊर्जा के रूप में जाना जाती है क्योंकि वह हमारा ख्याल रखती है और हमें खुशी और शान्ति) देती है.

 

 

** बच्चे को संरक्षण देना

 

दूसरे चरण के लिए एक बच्चे को कंपन की एक परत दि जाती है जो उसे संरक्षण प्रदान करते हैं. यह सुरक्षा "बंधन" के रूप में जानी जाती है. कल्पना करे अपने दहिने हाथ पर एक इंद्रधनुष की ड्राइंग बनाकर बच्चे के बाएं कूल्हे से ,उसके सिर के ऊपर तक और फिर ऊपर से उसके सीधे कूल्हे तक और फिर दुबारा से यह सब करे. जैसे इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं वैसे ही सूक्ष्म प्रणाली में सात चक्र होते है, आप ऐसा सात बार करे बच्चे को एक पूरा बंधन देने के लिए. आप प्रत्येक के नाम गा सकते है,

मूलाधार, स्वाधिस्तान ,नाभी और शून्य अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा, सहस्रार

 

 

सत्र 2

 

** दैनिक मालिश

 

इस सत्र में आप सीखेन्गे कि बच्चे की चक्रों की मालिश कैसे करे. यह बहुत ही महत्वपूर्ण तरीके से बच्चे के दिन की शुरुआत चक्रों की हल्की मालिश के साथ शुरू की जाती है. रीढ़ की हड्डी में ७ चक्र स्थित होते हैं. उनमें से प्रत्येक के एक विशेष गुण है जो की उचित तरीके से मालिश करके सक्रिय किये जाते है.

 

१) बच्चे को उसके पेट पर से लेटाना चाहिए:

 

बच्चे की पीठ पर तेल की कुछ बूँदें डालनी चाहिये -

 

२) प्रत्येक कदम से चक्रो की मालिश :

 

प्रत्येक चक्र रीढ़ की हड्डी के विभिन्न बिंदुओं पर स्थित है जब चक्रो की मालिश करेन्गे तो धीरे से बच्चे की पीठ को अपनी सीधे हाथ से दक्षिणावर्त तरीके से रगड़े.

 

१. पहले (मूलाधार या रूट) चक्र मालिश: ४ बार दोहराना

 

२. दूसरा (स्वाधिस्तान) मालिश चक्र: ६ बार दोहराना.

 

३. तीसरे चक्र (नाभी या पेट) मालिश: दोहराने १० बार

 

४. चौथा चक्र (अनाहत या दिल) मालिश: १२ बार दोहराना

 

५. पांचवां (विशुद्धि या गले) की मालिश चक्र: १६ बार दोहराना

 

६. छठे चक्र (आज्ञा) मालिश: मालिश दाये और बाएँ से हल्के हाथो से दक्षिणावर्त तरीके से करे.

 

७. सातवें चक्र (सहस्रार या मुकुट) मालिश: मालिश हड्डी के क्षेत्र के आस पास बच्चे के तेल से करे.

 

दैनिक आदत मे बच्चे की कुंडलिनी स्थापना, बंधन देना और प्रत्येक चक्र की मालिश एक सुंदर और सुखद तरीके से अपने और उसके बीच अच्छे सम्बन्ध स्थापित करना. इस सत्र के बाद आप अपने बच्चे को नोटिस करेन्गे कि वह अधिक आराम मे और शांत है. उसकी कुंडलिनी को मजबूत बनायेगी. और आप सुधार देखेन्गे रक्त परिसंचरण, दर्द, गैस से और बच्चे की नींद भी बेहतर होगी.हम सलाह देते हैं की बच्चे की सुबह के समय चक्र मालिश और फिर में शाम को भी मालिश जरूर करे. शाम की मालिश मदद करेगा बच्चे के लिए रात की नींद और आराम के लिये.

 

यहाँ चक्रो की मालिश करते समय एक मजेदार कहानी आप बच्चे को बता सकते है:

 

सत्र 3

 

माता पिता द्वारा बच्चों को अच्छी आदते सीखाना

 

इस सत्र में हम आपको एक दैनिक आध्यात्मिक का एक उदाहरण दिखा देंगे जिसमे नियमित प्यार के जादू के इस्तेमाल के लिये बताएन्गे.

 

** सुबह का ध्यान

 

एक आरामदायक स्थिति में जमीन पर बैठो. और अपनी कुंडलिनी उठाएँ और अपने आप को बंधन दे. और फिर बच्चे की कुंडलिनी बढ़ाये और उसे भी बंधन दे. ध्यान के द्वारा अपने सहस्रार चक्र पर अपना ध्यान रखे. यदि कोई विचार आपके ध्यान में आते हैं,तो फिर उन्हें जाने दे. आपका ध्यान कम हो सकता है क्योंकि छोटे बच्चे सक्रिय होते हैं और वे केवल कुछ मिनट के लिए एक बात पर ध्यान दे सकते है. आप बच्चे को पकड़ कर रखने के लिये कोई गाना गा सकते हैं:

 

** गाने

 

१)जगाने का गाना

 

जागो छोटा लड़का.

जागो छोटी लड़की.

यह ध्यान का समय है.

हमें उम्मीद है कि तुम पूरी रात बहुत अच्छी तरह से सोये हो.

यह सुबह का ध्यान है.

हमारी माँ इंतज़ार कर रही है - हर्षित और उज्ज्वल - हम सबको सुबह के नये प्रकाश के साथ.

 

२ (माँ कुंडलिनी)

 

प्रिय माँ कुंडलिनी, कुंडलिनी, कृपया ऊपर उठाईये, कृपया ऊपर उठाईये,कृपया ऊपर उठाईये.

मां कुंडलिनी, कुंडलिनी, कृपया ऊपर उठाईये, और मेरे सहस्रार जगाईये.

 

** अनुभव बंधन के लाभ का

 

यह बहुत ही अच्छा है कि आप अपने बच्चे की और खुद की रक्षा कुंडलिनी को जाग्रत करके कर सकते है और कही जाने से पहले , अपने घर से बाहर जाते समय अपने आप को बन्धन दे सकते है. यह करके आप अपने कंपन को मजबूत करेन्गे और अपने आप मे सकारात्मक ऊर्जा पायेन्गे हमेशा घर से बाहर जाने पर.

 

** प्रकृति में आनन्दमय समय

 

जब आप सैर के लिए जाये प्रकृति के बारे मे बच्चे को कुछ बताने की कोशिश करे तो सुनिश्चित करें कि हमारे लिए पृथ्वी माँ के महत्व को जरूर समझाये.

 

कम धुन गाओ और साथ में नृत्य भी करे **

 

हमें उम्मीद है कि आप बच्चों के लिए सहज ध्यान के बारे में सीखने मे आनन्द जरूर लेन्गे.

 

२) २-४ साल ध्यान

 

सत्र 1

 

हम तुम्हें एक बुनियादी और सरल ध्यान तकनीकों के माध्यम से मार्गदर्शन करने जा रहे हैं जिसको आप अपने बच्चे के साथ अभ्यास कर सकते हैं बहुत जल्द वह ध्यान अच्छी तरह से सीख जायेन्गे.प्रत्येक दिन केवल पाँच मिनट का ध्यान आप जरूर कर सकते है और किसी भी समय. लेकिन हम यह सलाह देन्गे कि एक दिन में दो बार ध्यान सुबह और शाम अवश्य करे.

 

** अपने बच्चे के लिए दैनिक ध्यान कदम

 

पहले नीचे आराम से फर्श पर बैठ जाये अपने बच्चे के साथ. हम सुझाव देन्गे कि आप अपने बच्चे के पीछे बैठ ताकि उसे समझाने मे आसानी हो.

 

अपनी कुंडलिनी जगाने के बाद अब इस प्रक्रिया का पालन आप अपने बच्चे के लिये करे और अपने बच्चे की कुंडलिनी को भी जगाये. जब आप ऐसा करे, तो आप गाना भी गा सकते हैं जिससे कुंडलिनी जगाने के साथ बच्चे का मनोरन्जन भी होगा.

 

** बंधन

 

अगला कदम कंपन है जो आपके बच्चे को सुरक्षा प्रदान करेगा. यह सुरक्षा "बंधन" के रूप में जाना जाता है. कल्पना करे अपने दहिने हाथ पर एक इंद्रधनुष की ड्राइंग बनाकर बच्चे के बाएं कूल्हे से ,उसके सिर के ऊपर तक और फिर ऊपर से उसके सीधे कूल्हे तक और फिर दुबारा से यह सब करे. जैसे इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं वैसे ही सूक्ष्म प्रणाली में सात चक्र होते है, आप ऐसा सात बार करे बच्चे को एक पूरा बंधन देने के लिए. आप प्रत्येक के नाम गा सकते है,

मूलाधार, स्वाधिस्तान ,नाभी और शून्य अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा, सहस्रार

आप प्रत्येक बंधन के लिए इंद्रधनुष के रंग गा सकते हैं: "नारंगी इंद्रधनुष", "पीला इंद्रधनुष", "हरी इंद्रधनुष" "लाल इंद्रधनुष", "नीले इंद्रधनुष", "सफेद इंद्रधनुष"

 

" यह सब इंद्रधनुष! " (ये रंग प्रत्येक चक्र के वास्तविक रंग होते हैं.)

 

अब आप ध्यान शुरू करने के लिए तैयार हो गये है. अब आप अपने बच्चे से थोड़ा सा आँखें बंद करने के लिये कहे.

 

फिर जोर से कहे कि "कुंडलिनी कृपया मुझे अपनी ताकत को महसूस कराये.यह जादुई शक्ति आपके बच्चे को संदर्भित करता है और ऊर्जा और खुशी देता है.

 

कुंडलिनी, जाग्रत आपके बच्चे को मजबूत बनाता है, अपना दाहिने हाथ अपने बच्चे की हड्डी त्रिकास्थि क्षेत्र मे रखे और फिर उसकी रीढ़ कि हड्डी के साथ अपने हाथ ऊपर उठाना जब तक आप उसके सिर के ऊपर तक ना पहुँच जाये. इस प्रक्रिया के साथ आप उसकी कुंडलिनी ऊर्जा उठाने मे मदद कर रहे हैं, ऐसा सात बार करे.

 

आप इस गीत को गाने के रूप में गाकर अपने बच्चे कुंडलिनी की उठा सकते है:

 

 

प्रिय माँ कुंडलिनी, कुंडलिनी, कृपया ऊपर उठाईये, कृपया ऊपर उठाईये,कृपया ऊपर उठाईये.

मां कुंडलिनी, कुंडलिनी, कृपया ऊपर उठाईये, और मेरे सहस्रार जगाईये.

 

एक बार जब आप गीत गाकर समाप्त कर दे तब आप कृपया, अपने बच्चे से पूछे कि उसे कैसा लगा और कुंडलिनी जाग्रत मे उसे खुशी का अनुभव हुआ.

 

ध्यान समाप्त करने के बाद कृपया आप अपने और आपके बच्चे की कुंडलिनी उठाये और अपने आप को और बच्चे को बंधन दे.

 

सत्र 2

 

** ऊर्जा के ३ चैनल सीखे.

 

इस अध्याय में आप सीखेन्गे हमारे अन्दर ऊर्जा के चैनलों के बारे मे. कैसे यह तीन चैनल काम करते है और कैसे इनको सन्तुलित किया जा सकता है.

 

1. चाँद चैनल

 

मून चैनल नीला रन्ग का है और यह हमारे शरीर के बाईं ओर जगा होता है. यह देखभाल करता है कि हम खुद के बारे में क्या मह्सूस करते है और हम कितना प्यार करते है अपने माँ, पिताजी और दोस्तो से.

 

२. सूर्य चैनल

 

सूर्य चैनल पीला है और यह हमारे शरीर के सीधे पक्ष मे जगा होता है. यह हमारी गतिविधियों का ख्याल रखता है, उदाहरण के लिए जब हम अपने हाथ और पैर को हिलाते है,या फिर कोई काम करते समय,या खेलते हुये.

 

3. कमल चैनल

 

लोटस चैनल सफेद है और यह हमारे शरीर के केन्द्र मे जगा होता है. यह हमे वर्तमान क्षण में रखता है, ताकि हम खुश रहे और सहज रहे किसी भी कार्य मे जैसे खेलते समय, गायन क्रिया मे,पढ़ने मे और खेल के मैदान मे.

 

3 सत्र

 

** कैसे ऊर्जा के चैनलों को संतुलन मे किया जाये

 

अब यह समय है कि कैसे हम चैनलों को संतुलन मे रख सकते है.यह मदद करेगा आपको इस सत्र को बेहतर समझने मे.

 

मून चैनल संतुलन:

 

कभी कभी चैनल ऊपर और नीचे एक झूले की तरह होता है. तुम्हें पता है कि चंद्रमा चैनल मे आप अपने बाएँ हाथ पर गर्म हवा मह्सूस करेन्गे. आप अपने बाएँ हाथ को गोद मे रखे और अपने दाहिने हाथ को जमीन पर रखे और कुछ मिनट के लिए इस तरह से ध्यान करे.

 

सूर्य चैनल संतुलन:

 

यदि आप अपने दाहिने हाथ पर एक गर्म हवा मह्सूस करेन्गे तो इसका अर्थ है कि सूर्य चैनल थोड़ा नीचे है. सूर्य चैनल मे थोड़ी देर के लिए अपने दाहिने हाथ को गोद मे रखे और अपने बाएँ हाथ को ऊपर हवा की ओर. हवा सभी नकारात्मक चीजो को खीचेगा सूर्य चैनल के द्वारा बाहर.

 

लोटस चैनल संतुलन:

 

यदि आपको लगता है दोनों हाथ कुछ गर्म हो गये हैं, तो आप अपने दोनों हाथो को जमीन मे रख सकते हैं. पृथ्वी माँ मदद करेन्गी सभी नकारात्मक चीजो को लोटस चैनल से बाहर करने मे.

 

यहाँ एक कविता है जो श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा लिखित है,सहज योग के लिये:

 

मैं छोटा होना चाहता हू,

एक धूल कण की तरह

जो हवा के साथ चलता है

यह हर जगह चला जाता है,

कही भी जा सकता हैं,

जो एक राजा के सिर पर भी बैठ सकता है

कही भी जा सकता हैं

और किसी के पैरों पर भी गिर जाता है

और यह कही भी जा सकता हैं

हर जगह बैठ सकता है

लेकिन मैं धूल का एक कण बनना चाहता हूँ

वह सुगंधित है,

वह पौष्टिक है

वह शिक्षाप्रद है.

 

हमें उम्मीद है कि आपने बच्चों के लिए सहज ध्यान के बारे में सीखने मे आनंद लिया होगा. अगले अध्याय मे सीखोगे, कैसे ध्यान जारी रखा जा सकता है ४-६ साल पुराना.

 

३) ४-६ साल ध्यान

 

सत्र 1

 

आपके बच्चे की कुंडलिनी जागृति

 

आपने अपनी कुंडलिनी जागरण के बाद बहुत शानदार अनुभव किया है,और अब आप अपने बच्चे के साथ इस अनुभव को बांट लिजिये और उन्हे भी मौका दीजिये उनकी कुंडलिनी जगाने का.

 

कुंडलिनी क्या है?

 

आप अपने बच्चे को बता सकते है कि हर किसी के पास एक सर्पिल ऊर्जा है जिसको कुंडलिनी बुलाया जा सकता है, जो हमारे अंदर एक सुनहरा तारे की तरह लगता है और यह स्थित है हमारे पेट के निचले हिस्से में. कुंडलिनी बहुत मैत्रीपूर्ण और बुद्धिमान है क्योंकि यह हमें बहुत अच्छी तरह से जानती है और हमारी देखभाल करती है एक पिताजी और माँ की तरह. ध्यान कुंडलिनी के साथ सबसे खूबसूरत अनुभव है जो कि प्रकृति माँ हमें दे सकती हैं.

 

इन चरणों का पालन करे ताकि अपने बच्चे की कुंडलिनी जगा सके:

 

जब एक बार आप विस्तार से बताएन्गे की कुंडलिनी क्या है, तब कृपया अपने बच्चे को बुलाये और उसे जमीन पर चुपचाप बैठने के लिए कहे (या एक आरामदायक कुर्सी पर) यदि वह पसंद करते हैं और उससे कहे कि वह अब अपनी हथेलियों को अपनी गोद में रखे.

 

अपने बच्चे से कहे कि अब वह अपने दहिने हाथ को दिल पर रखे और जोर से ३ बार यह कहे:

 

"मैं आत्मा हूँ"

 

अब उससे कहे कि वह अपने दहिने हाथ को सिर के उपर रखे और अपने बाहिने हाथ को घड़ी की चाल से सात बार घुमाये और निम्नलिखित को जोर से ७ बार कहे:

 

"माँ कुंडलिनी, जगा दो और मेरा ध्यान रखो."

 

उसके बाद उसके दहिने हाथ को उसकी गोद में रखे और उससे चुप रहने के लिये कहे और फिर आप कुंडलिनी जगा सकते हैं.अब अपने बच्चे से कहे कि वह अपने सिर के ऊपर अपने बाएँ हाथ को रखे पर अपने सिर से कुछ दूरी पर और मह्सूस करे ठंडी हवा को जो उसके सिर के उपर मह्सूस हो रही होगी, और उससे पूछे उसको क्या मह्सूस हो रहा है?

 

अब आपके बच्चे की कुंडलिनी जग गई है. यदि आप व्यायाम को दोहराना चाहते हैं तो आपका स्वागत है, लेकिन यह आवश्यक नही है कि एक बार करने के बाद इसे दुबारा किया जाये. आपके लिये दैनिक ध्यान की जरूरत है आपकी कुंडलिनी पोषण और स्वस्थ रहने के लिये.

 

** दैनिक ध्यान

 

इस सत्र में आप सीखेन्गे कि कैसे आप अपने बच्चे के साथ ध्यान कर सकते है.

 

यहाँ है कि कैसे आप अपने बच्चे को समझायेन्गे सहज ध्यान के बारे में:

 

यह समय है मेरी भावना के साथ खेलने का,

 

ध्यान वह समय है जो आप अपनी आत्मा के साथ बिताते है और आप के अंदर ऊर्जा को पोषण देते है. उदाहरण के लिए, जब हम भूखे होते हैं तो हमारा पेट हमे खाना खाने के लिए कहता है. और फिर हम जब खाना खा लेते है तो खुश हो जाते है और संतुष्ट हो जाते है और हमे खेलने के लिए ऊर्जा मिलती है. वैसे ही हम अपनी आत्मा के लिए ही काम करते है. दैनिक ध्यान से हमारे अन्दर पोषण मिलता है.

 

यह कैसे करना है?

 

सुबह जब आप शांत और चुप होते है, आप नीचे बैठ सकते हैं अपने माँ और पिता के साथ तब आप अपने अंदर शांत भावना का आनंद लें. और फिर ७ मिनट का ध्यान शुरू कर सकते है. आप पूरे दिन मे किसी भी समय ध्यान कर सकते हैं लेकिन हम सलाह देन्गे की आप सुबह उठते ही जल्द से जल्द ध्यान करे और फिर रात को बिस्तर मे जाने से पहले ध्यान करे.

 

आप चुपचाप फर्श पर या एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाइये. फिर अपनी दोनों हथेलियों को गोद पर रखे.

 

अपनी कुंडलिनी बढ़ाने के बाद, अब आप अपने बच्चे पर भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सकते है अब अपने बच्चे की भी कुंडलिनी बढ़ाये.जब आप ऐसा करते हैं, तब आप कुंडलिनी गाना भी गा सकते है और इससे बच्चे को अधिक मज़ा आयेगा: अगले कदम के लिए अपने बच्चे से कंपन के बारे मे पूछे यह कंपन उसे सुरक्षा प्रदान करेगा.यह सुरक्षा "बंधन" के रूप में जाना जाता है.  कल्पना करे अपने दहिने हाथ पर एक इंद्रधनुष की ड्राइंग बनाकर बच्चे के बाएं कूल्हे से ,उसके सिर के ऊपर तक और फिर ऊपर से उसके सीधे कूल्हे तक और फिर दुबारा से यह सब करे. जैसे इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं वैसे ही सूक्ष्म प्रणाली में सात चक्र होते है, आप ऐसा सात बार करे बच्चे को एक पूरा बंधन देने के लिए.

 

मूलाधार, स्वाधिस्तान ,नाभी और शून्य अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा, सहस्रार

आप प्रत्येक बंधन के लिए इंद्रधनुष के रंग गा सकते हैं: "नारंगी इंद्रधनुष", "पीला इंद्रधनुष", "हरी इंद्रधनुष" "लाल इंद्रधनुष", "नीले इंद्रधनुष", "सफेद इंद्रधनुष"

 

 

" यह सब इंद्रधनुष! " (ये रंग प्रत्येक चक्र के वास्तविक रंग होते हैं.)

 

अब आप ध्यान शुरू करने के लिए तैयार हो गये है. अब आप अपने बच्चे से थोड़ा सा आँखें बंद करने के लिये कहे.

अब आप अपने बच्चे से कहे कि वह जोर से यह कहे:

"माँ, कृपया मेरी मदद करो मे सबसे प्यार करु "

 

 

ध्यान समाप्त करने के बाद कृपया आप अपने और आपके बच्चे की कुंडलिनी उठाये और अपने आप को और बच्चे को बंधन दे.

 

** सूक्ष्म प्रणाली - मेरा शरीर और मे

 

इस सत्र में आपका बच्चा खोज करने जा रहा है उसके सूक्ष्म शरीर का. इसलिये हम आपको प्रत्येक सूक्ष्म प्रणाली के घटक के बारे मे गाइड करने जा रहे हैं.

 

यहाँ आपके बच्चे के लिए सूक्ष्म प्रणाली की व्याख्या की गयी है

 

** मेरा सत्य का पेड़

 

हमारे शरीर के अंदर एक अदृश्य पेड़ है जिसको हम अपनी आँखों से नहीं देख सकते लेकिन हम महसूस कर सकते हैं. इस पेड़ को जादू सिस्टम कहा जाता है (सूक्ष्म सिस्टम) या तुम इसे सत्य का पेड़ भी कह सकते हो. चलो जादू प्रणाली के ३ घटकों को तलाशते है.

 

१ हमारे अंदर ऊर्जा के तीन चैनल होते है, सूरज चैनल, चाँद चैनल और कमल चैनल. चाँद चैनल हमारे शरीर के बाईं ओर स्थित है जो हमारी भावनाओं को नियंत्रित करता है. सूरज  चैनल हमारे शरीर के दाईं ओर स्थित है और यह हमारे कार्यों को नियंत्रण करता है. कमल चैनल हमारे रीढ़ की हड्डी मे स्थित है जो समय को नियंत्रित करता है.

 

२. हमारे अन्दर सात फूल भी है (या ऊर्जा केंद्र) जो शुरू होता है हमारी रीढ़ की हड्डी के नीचे से हमारे सिर के ऊपर तक. इन प्रत्येक सुंदर फूलों की एक विशेष गुणवत्ता और सुपर शक्ति होती है जिसे आप महसूस कर सकते हैं जब आप ध्यान करते हो. इन फूलों का एक विशेष तरीका है आप के साथ संवाद करने का. वे संदेश भेजते है आपके हाथों को क्योकि प्रत्येक उंगली के साथ उनका एक रिश्ता है.

 

निम्न चार्ट में आप प्रत्येक फूल का नाम देख सकते हैं,उनकी गुणवत्ता और आपके हाथों के साथ संबंध.

 

१.नीचे वहाँ एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है जहां स्वर्ण सितारा (कुंडलिनी) सो रहा है. जब हम पूछते है सुनहरा सितारा के जागने के लिये तो वह सभी ७ फूलो के पास जाता है और उन को खोलता है और यह जब हमारे सिर के ऊपर तक पहुँचता है तो एक सुंदर कमल खिल जाता है और जिसे हम महसूस कर सकते है, हमारे हाथो से ठंडी हवा की जाँच के द्वारा.

 

 

** माता पिता और बच्चों की अच्छी आदतो का निर्माण

 

यह सत्र विशेष रूप से आपके और आपके बच्चे के लिए प्यार का आनंद लेने के लिये है जो कि सहज योग आपके जीवन में लाया है. यहाँ एक आध्यात्मिक दिनचर्या है जो आप कभी भी अपने बच्चे के साथ कर सकते हैं.

 

सहज तकनीक

 

हम अत्यधिक सलाह देन्गे कि हर दिन आप अपने बच्चे की चक्रो की सफाई के लिये पैर भिगोये.

 

यहां आपको जिन चीजो की आवश्यकता होगी वह निम्न है:

 

1. एक कुर्सी

2. तौलिया

3. एक प्लास्टिक की बाल्टी

4. एक सुराही

5. नमक

 

कैसे करे पैर भिगोना:

 

? आप पैर भिगोना दिन मे किसी भी समय कर सकते है, विशेष रूप से जब आपको लगता है कि आपका बच्चा बहुत थक गया या बहुत सक्रिय है या बेचैन है. हम सलाह देन्गे कि पैर भिगोना आप आपने बच्चे के बिस्तर मे जाने से पहले करे.

 

? किसी बाल्टी को इतना भरे कि आपकी एड़ियों को कवर करने के लिए पानी काफी रहे. आप कोशिश करे की गुनगुने पानी का ही उपयोग करे यदि आपका बच्चा थोड़ा थक गया हो तो. और अगर आपका बच्चा बहुत सक्रिय है या बेचैन है तो ठंडा पानी का उपयोग करे. हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पानी का तापमान आरामदायक हो.

 

? सुराही को पानी के साथ भरें.

 

? बाल्टी मे दो मुट्ठी नमक की डाले. पैर भिगोने के लिये नमक का पानी का इस्तेमाल बहुत अच्छा है विशेष रूप से स्वाधिस्तान , नाभि और चक्रो की सफाई के लिए.

 

? अपने बच्चे से कहे की वह कुर्सी पर बैठ जाये, और अब अपनी कुंडलिनी बढ़ाये और बंधन दे, अब अपने पैरो को बाल्टी में रखे और ध्यान करे. पैर भिगोने के दौरान अपनी आँखें खुली रखे जिससे आपके चक्र एक पूरा चक्कर लेकर साफ हो जाये.

 

? इस अनुभव को और सुखद बनाने के लिये आप इस गीत को भी गा सकते हैं. आप गाना ऐसे भी गा सकते है जिससे आपके चक्र घड़ी के तरह दक्षिणावर्त घूम सके. यह मदद करता है और जल्दी चक्रो को साफ करने मे. याद रखें सफाई करने की प्रक्रिया शुरू करे अपने नीचे से फूल से अपने सिर के ऊपर तक.

 

 

चारों ओर और चारों ओर:

 

चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी.

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी.

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी.

मेरे मूलाधार स्पष्ट है.

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी. (दोहराये ३ बार)

मेरे स्वाधिस्तान स्पष्ट है.

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी. (दोहराये ३ बार)

मेरे नाभी और शून्य

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी. (दोहराये ३ बार)

मेरे अनाहत

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी. (दोहराये ३ बार)

मेरे विशुद्धि

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी. (दोहराये ३ बार)

मेरे आज्ञा

और चारों ओर और चारों ओर, नकारात्मकता चली गयी. (दोहराये ३ बार)

मेरे सहस्रार

और सभी चक्र स्पष्ट हैं.

 

 

? कुछ समय के लिए अपने बच्चे से चुप रहने के लिये कहे जिससे स्वर्ण सितारा या कुंडलिनी को उठाया जायेगा और प्रत्येक फूल की सफाई होगी.

 

? जब आप पैर भिगोने  की विधि खत्म करेन्गे तो अपने पैरों को साफ पानी से धोकर फिर उन्हें एक तौलिये से सुखा लिजिये.

 

? अपने बच्चे से कहे की अब वह अपनी कुंडलिनी बढ़ाये और बंधन दे,

 

अब बाल्टी से पानी को शौचालय में डाल दें और ताजे पानी से बाल्टी को धो दे. हम सलाह देन्गे कि बाल्टी और तौलिये का उपयोग विशेष रूप से पैर भिगोने की प्रक्रिया के लिए करे.

 

 

बंधन के लाभ का अनुभव:

 

यह बहुत ही शुभ है कि आप अपने और अपने बच्चे की रक्षा कुंडलिनी के ऊपर उठाने के द्वारा कर सकते है और घर से जाने से पहले अपने आप को बन्धन दे सकते है. कंपन आपको मजबूत करेगा और साथ साथ सकारात्मक ऊर्जा आपकी और आकर्षित करेगा तब, जब आप अपने घर से बाहर होते है.

 

प्रकृति के साथ आनन्दमय समय:

 

जब कभी आप सैर के लिए जाये तो अपने बच्चे को प्रकृति के बारे मे कुछ बताये और सुनिश्चित करे की हमारे लिए पृथ्वी माँ के महत्व के बारे मे बच्चे को जरूर समझाये. इस बार बहुत अच्छा समय है पृथ्वी माँ पर बैठ कर ध्यान किया जाये.

 

 

कुछ धुन गाये और साथ में नृत्य भी करे:

 

आपका स्वागत है हमारे सहज संगीत मे बच्चों के लिए संगीत की वेबसाइट पर. साइट पर सभी गाने इस प्रकार बनाये गये है जिससे आपके बच्चे की कुंडलिनी और उनके ध्यान में सुधार होगा.

 

यहाँ दो गाने हैं जिसे आप गा सकते हैं जब आप अपने बच्चे के साथ ध्यान करने बैठयेन्गे.

 

 

अपने हाथो को ऊपर खुला

अपने हाथो को ऊपर खुला और शांत मह्सूस करो...

अपने हाथो को ऊपर खुला और ठंडी हवा मह्सूस करो...

अपने हाथो को ऊपर खुला और प्यार मह्सूस करो...

हमारी माँ का प्यार हम सब के लिए यही है.

अपने हाथो को ऊपर खुला और शांत मह्सूस करो...

अपने हाथो को ऊपर खुला और ठंडी हवा मह्सूस करो...

अपने हाथो को ऊपर खुला और प्यार मह्सूस करो...

और तुम और तुम और तुम और तुम

और हम सब्ब्ब्ब.........

 

 

मां कुंडलिनी

 

प्रिय माँ कुंडलिनी, कुंडलिनी, कृपया ऊपर उठाईये, कृपया ऊपर उठाईये,कृपया ऊपर उठाईये.

मां कुंडलिनी, कुंडलिनी, कृपया ऊपर उठाईये, और मेरे सहस्रार जगाईये.

 

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श्री माताजी

Shri Mataji Nirmala Devi

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